गीतिका

मजदूर दिवस

गीतिका —#मजदूरदिवसपरसमर्पित
आधार छंद सार–
16,12पर यति अंत दो गुरु

शक्ति चेतना संकल्पित ये,जीवन अर्थ धरा है ।
स्थूल द्रव्य या पंचतत्व घन,कानन अर्थ धरा है।

शैत्य ताप ऋतु परिवर्तन की,कमठपीठ ये धारक,
रात्रिदिवस से सज्जित उर्जित,साधन अर्थ धरा है ।

राग रंग संवर्धित जिसमें,श्रांत क्लांत हित संबल,
अर्पण सुधा समाहित जीवन,यापन अर्थ धरा है ।

धीर वीर ये विश्व सखावत ,बना हेतुकी रक्षक,
बहे जहाँ सागर संगम नद,पावन अर्थ धरा है ।

नेम धर्म से शुभ अरुणोदय,गुंजित नंदन वंदन ,
प्रेम प्रकृति से द्विगुणित सुखदा,सावन अर्थ धरा है
डॉ.प्रेमलता त्रिपाठी

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