आभार की कहानी।
गरिमामयी कहानी
जीवंत सच लिखेगी ये लेखनी कहानी।
आभार शब्द का है आभार की कहानी।
शब्दों सहित तुम्हारी हित भाव व्यंजना को
माना सुहासिनी हो गरिमामयी कहानी।
तन-मन सँवार देती ये मौन अर्चना से,
वाणी उजास भरती संसार की कहानी।
सबको गले लगाया अभिनीत कर दिखाया,
संवाद की पुजारन संगीत सी कहानी।
कंचन बरन समाहित इसकी सजग है लीला,
स्याही कमाल करती उपजी सही कहानी।
आँसू भले बहाती है मान लोचनों की,
असहाय की दशा में रोती रही कहानी।
संभावना लिए जो इतिहास बांँचती है,
कहती ‘लता’ समेकित शिक्षा भरी कहानी।
डॉ. प्रेमलता त्रिपाठी


