गीतिका

मिशन चंद्रयान 2

आधार छंद- गीतिका (मापनीयुक्त मात्रिक)
मापनी- गालगागा गालगागा गालगागा गालगा
समांत- आन, पदांत- से
गीतिका —+++
सत्य का संधान होगा,कामयाबी ज्ञान से ।
लक्ष्य पूरा कर सकेंगे,फिर नवल अभियान से ।

चाँद मुट्ठी में करेंगे, हौसले देना सभी,
बढ़ चलें हम सीख लेकर,हों सफल हम शान से ।

उस बुलंदी को नमन है,जो शिखर हमको मिला,
मुड़ नहीं सकते कदम अब,नीति पथ संज्ञान से।

नित्य रोचक लक्ष्य अपना,सत्य से सौगात तक,
मन मनोरथ उच्च रखिए,गर्व हो पहचान से ।

चूमती हैं सिद्धियां भी,नित उन्ही के पाँव जो,
भीत मन रुकते नहीं हैंं, वे तनिक व्यवधान से ।
डॉ.प्रेमलता त्रिपाठी

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