गीतिका

“आस की जीत है जिंदगी”

212,212,212
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प्रीत नवनीत है जिंदगी
साज संगीत है जिंदगी

प्यार से मान मनुहार से,
नेह का गीत है जिंदगी ।

वेदना, चेतना, साधना,
सत्य हो रीत है जिंदगी ।

योग हो भोग हो मंत्र हो
नित्य नवगीत है जिंदगी ।

प्रेम सुख सार है मानिए,
आस की जीत है जिंदगी।
डॉ. प्रेमलता त्रिपाठी

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